गोंदिया: FDA का बड़ा एक्शन: चार आयुर्वेदिक दवा निर्माताओं के लाइसेंस रद्द, एक को कारण बताओ नोटिस..

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गोंदिया।(13 अगस्त), जिले में आयुर्वेदिक औषधियों के निर्माण और गुणवत्ता मानकों को लेकर अन्न व औषधि प्रशासन (FDA) ने सख्त कार्रवाई करते हुए चार आयुर्वेदिक औषधि उत्पादक कंपनियों के उत्पादन लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से आयुर्वेदिक दवा निर्माण क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। वहीं एक अन्य कंपनी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर कार्रवाई शुरू की गई है।

अन्न व औषधि प्रशासन की ओर से राज्यभर में चलाए जा रहे व्यापक जांच अभियान के तहत गोंदिया जिले में भी आयुर्वेदिक औषधि निर्माताओं की जांच की गई। अन्न व औषधि प्रशासन आयुक्त तुकाराम मुंढे के मार्गदर्शन में जून से जुलाई 2026 के दौरान हुई इस जांच में जिले की पांच आयुर्वेदिक औषधि उत्पादक कंपनियों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान औषधि एवं प्रसाधन कानून 1940 तथा नियम 1945 के प्रावधानों के गंभीर उल्लंघन सामने आने के बाद चार कंपनियों के उत्पादन लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिए गए।

जिन कंपनियों पर कार्रवाई की गई है, उनमें अंग्रास आयुर्वेद, वडगांव (ता. तिरोड़ा), आदित्य फार्मास्युटिकल्स, गराड़ा (ता. तिरोड़ा), लालशाह सेंद्रिय उत्पादने, पिंडकेपार, कारंजा तथा हिलेरियस आयुर्वेद, गोंदिया औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा पाठक आयुर्वेदिक फार्मसी, रेलटोली, गोंदिया के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर आगे की कार्रवाई शुरू की गई है।

जांच के दौरान सामने आए उल्लंघनों में मान्यताप्राप्त तकनीकी व्यक्ति की अनुपस्थिति में औषधि उत्पादन, गुणवत्ता परीक्षण एवं विश्लेषण की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होना, कच्चे माल तथा तैयार औषधियों के परीक्षण की निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं करना, मंजूर नक्शे के अनुरूप उत्पादन परिसर का नहीं होना तथा कर्मचारियों की वैद्यकीय जांच और प्रशिक्षण से संबंधित अभिलेख उपलब्ध नहीं होना शामिल है। इसके साथ ही औषधियों पर लेबलिंग संबंधी त्रुटियां, उत्पादन दिनांक में अनियमितता, आवश्यक कार्यप्रणाली का अभाव, उपकरणों की नियमित वैधता जांच नहीं करना तथा पैकिंग सामग्री की गुणवत्ता का परीक्षण नहीं करने जैसी गंभीर कमियां भी जांच में उजागर हुईं।

FDA ने स्पष्ट किया है कि औषधि निर्माण में नियमों की अनदेखी सीधे तौर पर दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावकारिता को प्रभावित कर सकती है। इससे आम नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न होने की आशंका रहती है। इसी कारण जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाले औषधि निर्माताओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई है।

चार कंपनियों के उत्पादन लाइसेंस रद्द किए जाने तथा एक कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने की कार्रवाई से जिले में आयुर्वेदिक औषधि निर्माताओं के बीच खलबली मच गई है। FDA ने संकेत दिया है कि औषधियों की गुणवत्ता और नागरिकों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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